पटना: बिहार में स्मार्ट और सुरक्षित यातायात व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) परियोजना को लेकर मंगलवार को विश्वेश्वरैया भवन स्थित सभाकक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में देश-विदेश की 42 प्रतिष्ठित कंपनियों, उद्योग विशेषज्ञों, OEMs, सिस्टम इंटीग्रेटर्स और एआई आधारित तकनीकी संस्थाओं ने भाग लिया।
बैठक में विभाग द्वारा जारी एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) के तहत प्रस्तावित ITMS परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। प्रतिभागी कंपनियों ने परियोजना की संरचना, तकनीकी स्वरूप, कार्यान्वयन मॉडल और आधुनिक उपकरणों के उपयोग को लेकर अपने सुझाव और अनुभव साझा किए। साथ ही PPP (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) और रिवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर भी विशेष रूप से विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परियोजना को 10 वर्षों के दीर्घकालिक संचालन और रखरखाव के साथ टिकाऊ और आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाना प्राथमिकता है।
बैठक के दौरान विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह ने कहा कि बिहार में स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम विकसित करने की दिशा में यह परियोजना एक अहम पहल है। इसके माध्यम से यातायात प्रबंधन को तकनीक आधारित बनाया जाएगा, जिससे सड़क सुरक्षा को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
परिवहन सचिव राज कुमार ने बताया कि ITMS परियोजना के तहत राज्य की सड़कों पर दुर्घटना-प्रवण स्थलों और प्रमुख जंक्शनों पर ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों के जरिए यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की पहचान कर उनके खिलाफ स्वतः ई-चालान जारी किए जाएंगे। इसका उद्देश्य लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है।
तेजी से बढ़ती वाहन संख्या, ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की चुनौतियों को देखते हुए ITMS परियोजना को लागू किया जा रहा है। इसके तहत एआई, ANPR, एडाप्टिव ट्रैफिक सिग्नलिंग और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। यह परियोजना राज्य के 500 से अधिक महत्वपूर्ण स्थानों—जैसे हाईवे, प्रमुख चौराहे, दुर्घटना-प्रवण क्षेत्र और खनन क्षेत्रों—को कवर करेगी।
परिवहन विभाग ने बताया कि EOI से प्राप्त सुझावों का विश्लेषण कर जल्द ही विस्तृत आरएफपी (RFP) जारी किया जाएगा, जिसके आधार पर परियोजना के क्रियान्वयन के लिए एजेंसी का चयन किया जाएगा। बैठक में नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक (यातायात) सुधांशु कुमार, राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन और अपर सचिव प्रवीण कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।